शनिवार, 18 सितम्बर 2010

दृष्टिकोण बदलना होगा

  1. हम हिंदी को समृद्ध करने की बात करते है और उसे बेडियो में बांध के भी रखते है. मेरी बेडियो का अर्थ है साहित्य के मठाधिशो के उस सोच से जो वास्तव में साहित्य को अपनी जागीर समझते है. जो एक सिरे से साहित्य  में आए विमर्शो को हजम नहीं करपाते तभी स्त्री विमर्श को घर फोड़ने वाला और स्त्रियों के अपने संघर्ष की गाथा को असब्दो से नवाजा जाता रहा है. वाही अनुवाद भी आज हमारी हिंदी को समृद्ध कर रही है, उसके माध्यम से हम नए शब्द सिख रहे है और उन्हें हिंदी भाषा में सामिल कर उसे सरल और सुबोध बना रहे है तो ये लोग आपति करते है की हिंदी अशुद्ध  हो रही है . मेरे दोस्तों हिंदी तो विराट समुंदर है जो अपने में सरे भाषाओ समेट कर  भी अपनी प्रक्रति और mul में  कोई बदलाव नहीं होता. अतः हिंदी के और हिंदी साहित्य के सम्पूर्ण विकाश के  liy  

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